बजट 2021:जानें वित्त मंत्री के टैबलेट बही-खाता से क्या-क्या मिला

 बजट 2021:जानें वित्त मंत्री के टैबलेट बही-खाता से क्या-क्या मिला

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में 'आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना' का ऐलान किया है। इस पर 64 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खर्च करेगी। आइए जानें वित्त मंत्री के टैबलेट में बंद बही-खाते से भारत के लोगों को अब तक क्या-क्या मिला


राजकोषीय और स्वास्थ्य मद पर खर्च

स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च 137 प्रतिशत बढ़ाकर 2.23 लाख करोड़ रुपये किया गया।

एक अप्रैल से शुरू अगले वित्त वर्ष में कोविड टीके के लिये 35,000 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान।

देश में कोरोना से बचाव के लिये दो टीके उपलब्ध, दो और टीके जल्दी ही जारी किये जाएंगे।

अगले वित्त वर्ष में पूंजी व्यय उल्लेखनीय रूप से बढ़ाकर 5.54 लाख करोड़ रुपये किया गया जो चालू वित्त वर्ष में 4.39 लाख करोड़ रुपये था।

चालू वित्त वर्ष के लिये राजकोषीय घाटा 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जो बजटीय अनुमान 3.5 प्रतिशत से कहीं अधिक है।

अगले वित्त वर्ष के लिय राजकोषीय घाटा 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान। सरकार 12 लाख करोड़ रुपये कर्ज लेगी।

सरकार 2025-26 तक राजकोषीय घाटा 4.5 प्रतिशत के नीचे लाने को लेकर प्रतिबद्ध।

कर प्रस्ताव

75 साल से अधिक के वरिष्ठ नागिरकों के लिये आईटीआर (आयकर रिटर्न) भरना अनिवार्य नहीं, बैंक टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) काटेंगे।

आयकर मामलों को दोबारा से खोलने के लिये समयसीमा आधा कर 3 साल किया गया। गंभीर धोखाधड़ी मामलों में यह 10 साल है।

आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या बढ़कर 2020 में 6.48 करोड़ हुई जो 2014 में 3.31 करोड़ थी।

सोना, चांदी डोर बार (सोने और चांदी की मिश्र धातु) पर कृषि बुनियादी ढांचा उपकर 2.5 प्रतिशत, सेब पर 35 प्रतिशत लगाया गया।

बजट में काबुली चना पर 30 प्रतिशत, मटर पर 10 प्रतिशत, बंगाल चना पर 50 प्रतिशत, मसूर पर 20 प्रतिशत, कपास पर 5 प्रतिशत पर कृषि बुनियादी ढांचा उपकर।

पेट्रोल पर 2.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 4 रुपये प्रति लीटर का उपकर लगाया गया।

नया कृषि बुनियादी ढांचा विकास उपकर दो फरवरी से लागू होगा।         

कर विभाग प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को दोहरे कराधान से होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिये नियमों को अधिसूचित करेगा।

स्टार्टअप के लिये कर अवकाश, पूंजीगत-लाभ कर छूट एक साल के लिये बढ़ायी गयी।

विमान पट्टे पर देने वाली कंपनियों, प्रवासी मजदूरों के लिये अधिसूचित सस्ते मकान के लिये कर छूट।

सस्ते मकान के लिये ब्याज भुगतान पर 1.5 लाख रुपये की छूट एक साल के लिये बढ़ायी गयी।

डिजिटल तरीके से अपना ज्यादातर काम करने वाली कंपनियों के लिये कर ऑडिट छूट की सीमा दोगुना कर 10 करोड़ रुपये किया गया।

सीमा शुल्क में पुरानी चार सौ छूटों की समीक्षा का प्रस्ताव, अक्टूबर 2021 से इसपर गहन विचार किया जाएगा।

वाहनों के कुछ कल-पुर्जों, सौर उपकरणों पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया।

आवंटन और सुधार

बीमा क्षेत्र में एफडीआई 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत किया गया।

विनिवेश लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ रुपये रखा गया।

जिन कंपनियों का विनिवेश किया जाएगा, बीपीसीएल, आईडीबीआई बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के दो और बैंकों तथा एक बीमा कंपनी शामिल हैं।

अगले वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी डाली जाएगी।

बजट में 64,180 करोड़ रुपये के आबंटन के साथ आत्मनिर्भर स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया गया।

बजट में किये गये प्रस्ताव छह मुख्य केंद्रों पर आधारित हैंस्वास्थ्य और सुख-सुविधाएं, भौतिक और वित्तीय पूंजी तथा बुनियादी ढांचा, आकांक्षी भारत के लिये समावेशी विकास, मानव पूंजी, नवप्रवर्तन आर अनुसंधान एवं विकास, न्यूनतम शासन कारगर शासन।

सरकार 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ विकास वित्त संस्थान गठित करेगी।

स्वैच्छिक वाहन कबाड़ नीति के तहत पुराने वाहनों को हटाया जाएगा। व्यक्तिगत उपयोग वाले वाहनों के लिये 20 साल बाद फिटनेस जांच का प्रस्ताव।

संभावित पुरानी ढांचागत संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने के लिये राष्ट्रीय मौद्रीकरण कार्यक्रम।

डिजिटल तरीके से पहली जनगणना के लिये 3,726 करोड़ रुपये का प्रावधान।

 

अन्य घोषणाएं

रेल बजट पर 1.1 लाख करोड़ खर्च होगा। जबकि, 2030 को ध्यान में रखकर रेवले के लिए एक प्लान तैयार हो रहा है। 

46,000 किमी रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ेगी। पर्यटन वाले रूट्स पर नई ट्रेनें चलेंगी और नए कोच लगाए जाएंगे।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर 11,000 करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान।

प्राइवेट सेक्टर से 30,000 बसें लेकर चलाएगी सरकार।

बंगाल में नेशनल हाईवे पर 25,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

11,000 किलोमीटर के हाईवे का काम पूरा हुआ, मार्च 2022 तक 8500 किलोमीटर के हाईवे बनाए जाएंगे

देश में 7 टेक्स्टाइल पार्क बनाए जाएंगे, ताकि इस क्षेत्र में भारत एक्सपोर्ट करने वाला देश बने। ये पार्क तीन साल में तैयार किए जाएंगे।

वित्त मंत्री की ओर से डेवलेपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट बनाने का ऐलान किया गया, जिसमें तीन साल के भीतर 5 लाख करोड़ रुपये के उधारी प्रोजेक्ट हों।

बजट में ऐलान किया गया है कि रेलवे, NHAI, एयरपोर्ट अथॉरिटी के पास अब कई प्रोजेक्ट को अपने लेवल पर पास करने की ताकत होगी।

वित्त मंत्री ने पूजीगंत व्यय के लिए 5 लाख कोरड़ से अधिक के बजट का ऐलान किया। यह पिछले बजट से 30 फीसदी अधिक है। इससे अतिरिक्त राज्य और स्वतंत्र बॉडी को दो लाख करोड़ रुपये भी दिए जाएंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया गया।

आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के तहत सरकार की ओर से 64180 करोड़ रुपये इसके लिए दिए गए हैं और स्वास्थ्य के बजट को बढ़ाया गया है।

सरकार की ओर से WHO के स्थानीय मिशन को भारत में लॉन्च किया जाएगा।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों में अमृत योजना को आगे बढ़ाया जाएगा, इसके लिए 2,87,000 करोड़ रुपये जारी किए गए।

वित्त मंत्री की ओर से मिशन पोषण 2.0 का ऐलान किया गया है।

कोविड वैक्सीन को विकसित करने के लिए सरकार ने 35,000 करोड़ रुपये की रकम का आवंटन किया।

निर्मला सीतारमण की ओर से कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया गया. वित्त मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट को 137 फीसदी तक बढ़ाया गया है.

5 ट्रिलियन की अर्थव्यस्ता के लिए PLI स्कीम पर जोर देने की बात कही। आत्मनिर्भर भारत के तहत 13 सेक्टरों को इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का ग्लोबल चैंपियन बनाने के लिए अगले 5 साल में 1.97 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे स्टील, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर को फायदा होने की उम्मीद है।

ऑटो सेक्टर को जिस पॉलिसी का इंतजार था, वो आ गई। निजी गाड़ियां 20 साल और व्यावसायिक वाहन 15 साल के बाद सड़कों पर नहीं उतर सकेंगे। ऑटो सेक्टर के लिए बिग पॉजिटिव।

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